पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग से 11 प्रदर्शनकारियों की मौत: गाजा पीस प्लान का विरोध कर रहे थे; अमेरिकी दूतावास की तरफ मार्च निकाला था

पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग से 11 प्रदर्शनकारियों की मौत:  गाजा पीस प्लान का विरोध कर रहे थे; अमेरिकी दूतावास की तरफ मार्च निकाला था


इस्लामाबाद19 मिनट पहले

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पाकिस्तान में शुक्रवार को कट्टरपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के सदस्यों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प में 11 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा कई घायल हुए। इससे पहले 2 लोगों की मौत की खबर थी।

ये प्रदर्शनकारी गाजा में ट्रम्प के पीस प्लान का विरोध कर रहे थे। दरअसल पाकिस्तान ने इस प्लान का समर्थन किया है। इसे लेकर देश में तनाव बढ़ गया है।

TLP समर्थकों ने शुक्रवार को अमेरिकी दूतावास की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इसे लेकर उनकी पुलिस से झड़प हो गई, जो शनिवार तक जारी रहीं। TLP ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बेतरतीब फायरिंग की। TLP का कहना है कि 11 सदस्य मारे गए और 50 से अधिक घायल हुए।

मार्च को रोकने के लिए सरकार ने राजधानी की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कें ब्लॉक कर दी और इस्लामाबाद व रावलपिंडी में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी।

तस्वीरों में TLP का प्रदर्शन…

TLP ने ट्रम्प के गाजा सीजफायर प्लान के विरोध में इस्लामाबाद में मार्च बुलाया।

TLP ने ट्रम्प के गाजा सीजफायर प्लान के विरोध में इस्लामाबाद में मार्च बुलाया।

TLP के समर्थकों ने अपने नेता साद रिजवी की गिरफ्तारी की कोशिश के बाद हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए।

TLP के समर्थकों ने अपने नेता साद रिजवी की गिरफ्तारी की कोशिश के बाद हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए।

ये लोग अमेरिकी दूतावास की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

ये लोग अमेरिकी दूतावास की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे थे।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंटों और पत्थरों से हमला किया।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंटों और पत्थरों से हमला किया।

पाकिस्तान पंजाब पुलिस के सिपाही हमलावरों से बचने की कोशिश करते हुए।

पाकिस्तान पंजाब पुलिस के सिपाही हमलावरों से बचने की कोशिश करते हुए।

पुलिस ने हमलावरों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

पुलिस ने हमलावरों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

TLP नेता को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो हिंसा भड़की

इस प्रदर्शन की शुरुआत तब हुई, जब गुरुवार देर रात पंजाब पुलिस ने TLP मुख्यालय पर छापा मारकर इसके नेता साद रिजवी को गिरफ्तार करने की कोशिश की। साद निकल गया, लेकिन पुलिस और साद समर्थकों के बीच हुई झड़पों में कई लोग घायल हुए, जिनमें करीब 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि शहर के अंदर और बाहर की सड़कें बंद कर दी गई हैं। दंगा रोकने के लिए पुलिस को प्रमुख रास्तों पर तैनात किया गया और सरकारी दफ्तरों व विदेशी दूतावासों वाले रेड जोन को पूरी तरह सील कर दिया गया।

पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने एक आदेश में कहा कि रात 12 बजे से अगले आदेश तक इस्लामाबाद और रावलपिंडी में 3G/4G सेवाएं बंद रहेंगी।

TLP लीडर साद रिजवी। पंजाब पुलिस इसे गिरफ्तार करना चाहती थी। इससे पहले ही ये निकल गया था।

TLP लीडर साद रिजवी। पंजाब पुलिस इसे गिरफ्तार करना चाहती थी। इससे पहले ही ये निकल गया था।

रावलपिंडी में भी धारा 144 लागू

रावलपिंडी जिला प्रशासन ने भी 11 अक्टूबर तक धारा 144 लागू कर दी, जिसके तहत कोई भी प्रदर्शन, रैली, जुलूस, धरना या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं हो सकता। पुलिस अधिकारी हसन वकार चीमा ने कहा कि संवेदनशील जगहों पर हिंसा का खतरा है।

पूरे पंजाब में 10 दिनों के लिए धारा 144 लागू है, जिसमें चार या ज्यादा लोगों के जमा होने और हथियार दिखाने पर रोक है। हालांकि, नमाज, शादी, अंतिम संस्कार, दफ्तर और अदालतों को छूट दी गई है।

2017 में हुई थी TLP की स्थापना

TLP की स्थापना 2017 में खादिम हुसैन रिजवी ने की थी। वे पंजाब के धार्मिक विभाग में काम करते थे, लेकिन 2011 में सलमान तासीर की हत्या करने वाले मुमताज कादरी का समर्थन करने पर नौकरी से निकाले गए।

2016 में कादरी को सजा होने पर TLP ने ईश निंदा के मुद्दे पर देशव्यापी प्रदर्शन शुरू किए। खादिम ने फ्रांस के खिलाफ भी भड़काऊ बयान दिए। उनकी मृत्यु के बाद 2023 में बेटे साद रिजवी ने संगठन संभाला।

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