अल्लू अर्जुन@44; NASA में जाना चाहते थे: पहली फिल्म सुपरहिट, फिर भी लुक के कारण नहीं मिला काम, 18 साल बाद पुष्पा ने सुपरस्टार बनाया

अल्लू अर्जुन@44; NASA में जाना चाहते थे:  पहली फिल्म सुपरहिट, फिर भी लुक के कारण नहीं मिला काम, 18 साल बाद पुष्पा ने सुपरस्टार बनाया


24 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय

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अल्लू अर्जुन का जन्म 8 अप्रैल 1982 को चेन्नई (तब मद्रास) में हुआ था।

एक लड़का, जिसका जन्म फिल्म इंडस्ट्री में गहरी पकड़ रखने वाले एक बड़े परिवार में हुआ। 3 साल की उम्र में वो पहली बार कैमरे के सामने आया। 20 साल की उम्र में बतौर हीरो पहली फिल्म भी आसानी से मिल गई। नाम था- गंगोत्री, जिसके प्रोड्यूसर कोई और नहीं बल्कि उसके पिता ही थे।

लेकिन असल संघर्ष इसके बाद शुरू हुआ। पहली फिल्म सुपरहिट होने के बावजूद सांवली रंगत के चलते उसको हीरो मटेरियल नहीं माना गया और कोई भी उसे काम देने आगे नहीं आया और फिर एक नए डायरेक्टर की फिल्म बन रही थी। बड़े स्टार्स फिल्म करने में झिझक रहे थे, तब उसकी कास्टिंग की गई। फिल्म का नाम था- आर्या। लव ट्रायंगल वाली ये फिल्म सुपरहिट रही और उसको स्टारडम मिल गया।

बाद में उसी डायरेक्टर के साथ उसने फिल्म पुष्पा की, जो ब्लॉकबस्टर रही और उसे पैन इंडिया स्टार बना दिया। वो डायरेक्टर थे सुकुमार और आज बात हो रही है पैन इंडिया सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की।

अल्लू अर्जुन आज 44 साल के हो गए हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर पढ़िए कहानी एक्टर की जिंदगी की।

अल्लू अर्जुन के दादा ने 1000+ फिल्मों में काम किया

अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद फेमस फिल्म प्रोड्यूसर हैं और वहीं उनकी मां का नाम निर्मला है। उनके दादा अल्लू रामलिंगैया मशहूर कॉमेडियन थे, जिन्होंने 1000 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनका पैतृक गांव आंध्र प्रदेश के वेस्ट गोदावरी जिले का पलाकोल्लू है।

अल्लू अर्जुन के दादा अल्लू रामलिंगैया 'भक्त कन्नप्पा', 'मुथ्याला मुग्गू', 'कल्याण रामुडु' और 'इंद्रा' जैसी कई फिल्मों में नजर आए थे।

अल्लू अर्जुन के दादा अल्लू रामलिंगैया ‘भक्त कन्नप्पा’, ‘मुथ्याला मुग्गू’, ‘कल्याण रामुडु’ और ‘इंद्रा’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए थे।

अल्लू अर्जुन तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई वेंकटेश एक बिजनेसमैन हैं, जबकि छोटे भाई सिरिश एक एक्टर हैं। उनकी बुआ सुरेखा कोनिडेला, सुपरस्टार चिरंजीवी की पत्नी हैं। चिरंजीवी अल्लू के फूफा और एक्टर राम चरण उनके कजिन हैं।

अल्लू अर्जुन ने अपना बचपन चेन्नई में बिताया, लेकिन 1990 के दशक में उनका परिवार हैदराबाद शिफ्ट हो गया। उन्होंने चेन्नई के सेंट पैट्रिक स्कूल से पढ़ाई की और बाद में हैदराबाद के एमएसआर कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) की डिग्री हासिल की।

अल्लू अर्जुन के बचपन की तस्वीर।

अल्लू अर्जुन के बचपन की तस्वीर।

राम चरण (सफेद टी-शर्ट में) और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ अल्लू अर्जुन (ब्लैक टी-शर्ट में) की बचपन की तस्वीर।

राम चरण (सफेद टी-शर्ट में) और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ अल्लू अर्जुन (ब्लैक टी-शर्ट में) की बचपन की तस्वीर।

NASA में जाने की ख्वाहिश थी

अल्लू अर्जुन स्कूल में एवरेज स्टूडेंट थे, लेकिन डांस और परफॉर्मेंस में हमेशा आगे रहते थे। वैसे तो चाइल्ड एक्टर के तौर पर अल्लू अर्जुन ने फिल्मों में महज 3 साल की उम्र में एक्टिंग की शुरुआत की थी। हालांकि, फिल्म कंपेनियन को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि शुरू में उनका एक्टर बनने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने NASA में काम करने सहित कई करियर ऑप्शन के बारे में सोचा था, लेकिन बाद में उनका इंटरेस्ट खत्म हो गया।

उन्होंने कहा था कि फिल्मी परिवार में पैदा होने का असर होता है और अंत में इंसान फिल्मों की तरफ लौट आता है। बचपन में उन्होंने कई करियर ऑप्शन्स सोचे थे, जैसे पियानो टीचर, मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर, NASA में काम करना या एनिमेटर।

1985 की फिल्म विजेता से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट एक्टिंग की शुरुआत की। इसके बाद, उन्होंने 1986 में फिल्म स्वाति मुथ्यम में भी काम किया।

1985 की फिल्म विजेता से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट एक्टिंग की शुरुआत की। इसके बाद, उन्होंने 1986 में फिल्म स्वाति मुथ्यम में भी काम किया।

अल्लू अर्जुन के पिता अल्लू अरविंद एक फेमस प्रोड्यूसर हैं। अनुपमा चोपड़ा को दिए एक इंटरव्यू में अल्लू अर्जुन ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि वे अपने पिता से भी मार्केट प्राइस के हिसाब से फीस चार्ज करते हैं और वो कोई छूट नहीं देते… हम शुरू से ही साथ काम कर रहे हैं।”

अल्लू अर्जुन और उनके पिता अल्लू अरविंद ने हैप्पी, सर्राइनोडु जैसी फिल्मों में साथ काम किया है।

अल्लू अर्जुन और उनके पिता अल्लू अरविंद ने हैप्पी, सर्राइनोडु जैसी फिल्मों में साथ काम किया है।

उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पिता प्रोड्यूसर हैं और वे एक्टर, इसलिए काम में किसी तरह का पक्षपात नहीं होता। उनके पिता भले ही बड़े प्रोड्यूसर हों, लेकिन जब वे उनके प्रोजेक्ट में काम करते हैं, तो पूरी फीस मार्केट रेट के अनुसार ही लेते हैं।

पहली फिल्म सुपरहिट, लेकिन फिर भी काम नहीं मिला

2003 में फिल्म गंगोत्री से अल्लू अर्जुन ने बतौर लीड रोल करियर की शुरुआत की थी। जिसे उनके पिता अल्लू अरविंद ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म सुपरहिट थी, लेकिन आलोचकों और दर्शकों के एक वर्ग ने उनके लुक्स को एक मास हीरो के लिए फिट नहीं माना था। फिल्म के बाद उनके पास कोई काम नहीं था और वह लगभग बेरोजगार हो गए थे।

फिल्म गंगोत्री में अल्लू अर्जुन ने सिम्हाद्री का किरदार निभाया था।

फिल्म गंगोत्री में अल्लू अर्जुन ने सिम्हाद्री का किरदार निभाया था।

हैदराबाद में 7 मई 2024 को फिल्म आर्या के 20 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक इवेंट में एक्टर अल्लू अर्जुन ने कहा था गंगोत्री हिट रही, लेकिन मैं अच्छा नहीं दिखा, इसलिए मुझे अच्छी फिल्में नहीं मिलीं। फिल्म ब्लॉकबस्टर थी, लेकिन एक कलाकार के रूप में यह मेरी असफलता थी कि मैं अपनी पहचान नहीं बना पाया। मैं 0 से -100 पर पहुंच गया था, मैं एकदम अनजान था।

फिर एक दिन वह अपने दोस्त और एक्टर तरुण के साथ नितिन की फिल्म दिल की स्क्रीनिंग में पहुंचे, जहां डायरेक्टर सुकुमार ने उन्हें फिल्म आर्या की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया था कि सुकुमार नए डायरेक्टर थे, लेकिन उनकी लिखी कहानी उन्हें पसंद आई। फिल्म आर्या ने उनके करियर को नई दिशा दी। एक्टर ने बताया था कि वह रवि तेजा की फिल्म इडियट जैसी कूल फिल्म करना चाहते थे और आर्या उनके लिए वैसी ही फिल्म साबित हुई। उन्होंने खासतौर पर गाने थकधिमिथोम को अपने टैलेंट दिखाने का बड़ा मौका बताया।

फिल्म आर्या का बजट लगभग ₹4 करोड़ से ₹4.60 करोड़ के बीच था और इसने दुनिया भर में लगभग ₹30 करोड़ से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन किया था।

फिल्म आर्या का बजट लगभग ₹4 करोड़ से ₹4.60 करोड़ के बीच था और इसने दुनिया भर में लगभग ₹30 करोड़ से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन किया था।

फिल्म आर्या ने उन्हें स्टार बना दिया। इस फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने बन्नी और हैप्पी जैसी फिल्मों में काम किया, जहां उनकी डांसिंग और एनर्जी को काफी सराहा गया। 2007 से 2010 के बीच उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों में खुद को आजमाया। देसमुदुरु, परुगु और आर्या 2 जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी एक्टिंग और इमोशनल रेंज साबित की। खासकर वेदम (2010) में उनकी एक्टिंग को करियर का बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।

2011 से 2013 के दौरान बद्रीनाथ, जुलाई और इद्दाराम्मयिलाथो जैसी फिल्मों में उन्होंने एक्शन, रोमांस और स्टाइल का बेहतरीन मिक्सर दिखाया। फिल्म जुलायी में उनकी परफॉर्मेंस को खास तौर पर सराहा गया। इसके बाद 2014 में रेस गुर्रम ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी और यह उनकी पहली 100 करोड़ कमाने वाली फिल्म बनी।

2015 से 2020 के बीच के दौर में उन्होंने सन ऑफ सत्यमूर्ति, रुद्रमादेवी और सर्रैनोडु जैसी फिल्मों की। रुद्रमादेवी में उनके रोल गोना गन्ना रेड्डी को काफी लोकप्रियता मिली और उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।

2 दिन इंतजार करते रहे विदेशी फैंस: घर बुलाकर चाय पिलाई

अल्लू अर्जुन की गिनती उन अभिनेताओं में होती है, जिनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने फैंस से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया था। अल्लू ने बताया था कि उनकी टीम ने उन्हें जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट से कुछ फैंस उनसे मिलने हैदराबाद पहुंचे हैं। वे करीब दो दिनों से सिर्फ उनकी एक झलक पाने के लिए इंतजार कर रहे थे।

यह जानकर अल्लू ने उन्हें अंदर बुलाया और घर पर चाय पिलाई और उनसे बातचीत भी की। फैंस ने बताया था कि उनके पास अल्लू अर्जुन की तस्वीरों और वीडियोज का बड़ा कलेक्शन है। खास बात यह थी कि वे उनकी फिल्में भाषा समझे बिना भी देखते हैं।

शूटिंग में बॉडी पर चिपकाए गए डायलॉग पेपर

2020 में आई फिल्म अला वैकुंठपुरमुलो उनके करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हुई, जिसमें उनके डांस और स्टाइल ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।

फिल्म अला वैकुंठपुरमुलो की शूटिंग के दौरान एक मजेदार किस्सा हुआ था, जिसे मलयालम एक्टर जयराम ने क्लब एफएम को दिए इंटरव्यू में शेयर किया था। इस फिल्म में जयराम, अल्लू अर्जुन के पिता का किरदार निभा रहे थे। हालांकि, उन्हें तेलुगु डायलॉग याद रखने में काफी दिक्कत हो रही थी।

फिल्म अला वैकुंठपुरमुलो में अल्लू अर्जुन ने बंटू, पूजा हेगड़े ने अमूल्या और जयराम ने रामचंद्र का रोल निभाया था।

फिल्म अला वैकुंठपुरमुलो में अल्लू अर्जुन ने बंटू, पूजा हेगड़े ने अमूल्या और जयराम ने रामचंद्र का रोल निभाया था।

इस समस्या से निपटने के लिए जयराम ने एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने डायलॉग छोटे-छोटे कागजों पर लिखकर अल्लू अर्जुन के माथे और छाती पर चिपका दिए। सीन के दौरान वे उन्हीं कागजों को देखकर अपने डायलॉग बोलते और शॉट पूरा करते थे। सबसे खास बात यह रही कि अल्लू अर्जुन ने इस पर कभी कोई नाराजगी नहीं दिखाई, बल्कि पूरा सहयोग दिया।

पुष्पा के लिए पहली पसंद नहीं थे

पुष्पा आज भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी में गिनी जाती है, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इस फिल्म के लिए अल्लू अर्जुन पहली पसंद नहीं थे। फिल्म के लिए सबसे पहले महेश बाबू को अप्रोच किया गया था, लेकिन जब किसी कारण इस प्रोजेक्ट को लेकर उनसे बात नहीं बनी तो अल्लू अर्जुन की एंट्री हुई।

वहीं, पुष्पा राज का किरदार ढालने के लिए अल्लू अर्जुन को करीब दो साल का समय लगा। उन्होंने अपने लुक, बॉडी लैंग्वेज, बोलने के अंदाज और यहां तक कि चलने के तरीके पर भी गहराई से काम किया।

फिल्म पुष्पा में अल्लू अर्जुन का किरदार एक दिहाड़ी मजदूर से लाल चंदन का एक तस्कर बन जाता है।

फिल्म पुष्पा में अल्लू अर्जुन का किरदार एक दिहाड़ी मजदूर से लाल चंदन का एक तस्कर बन जाता है।

पुष्पा का किरदार आसान नहीं था। शूटिंग के दौरान अल्लू अर्जुन को शारीरिक तकलीफों का भी सामना करना पड़ा। उनके कंधे में चोट थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने लगातार शूटिंग जारी रखी। कई प्रमोशनल इवेंट्स में भी उनके दर्द की झलक साफ देखने को मिली, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

जब 2021 में पुष्पा: द राइज रिलीज हुई, तो इसने बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर दिया। फिल्म उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो गई। इसके बाद 2024 में आई पुष्पा 2 ने दुनिया भर में 1700 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और यह तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी।

पुष्पा 2 में साड़ी पहनने को लेकर डर गए थे

अल्लू अर्जुन ने द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए इंटरव्यू में फिल्म पुष्पा 2 के मशहूर जठारा सीन को लेकर बताया था कि जब डायरेक्टर सुकुमार ने उन्हें इस सीन के लिए साड़ी और झुमके पहनने का सुझाव दिया, तो वे डर गए थे। उस समय वे एक माचो इमेज वाले फोटोशूट से निकले थे, इसलिए यह आइडिया उनके लिए बिल्कुल अलग और चैलेंजिंग था।

फिल्म पुष्पा 2 का गंगम्मा जठारा सीन।

फिल्म पुष्पा 2 का गंगम्मा जठारा सीन।

हालांकि, धीरे-धीरे उन्होंने इस कॉन्सेप्ट को समझना शुरू किया और टीम के साथ मिलकर इसके लुक पर काम किया। अल्लू अर्जुन ने कहा था कि शुरुआत में डर था, फिर एक्सप्लोरेशन हुआ और बाद में उन्हें यकीन हो गया कि यही सीन फिल्म की सबसे बड़ी खासियत (USP) बनेगा। उन्होंने इसे अपने करियर के एक बड़े चैलेंज के रूप में लिया था।

अल्लू अर्जुन ने यह भी बताया कि उन्होंने और सुकुमार ने इस बात का खास ध्यान रखा कि साड़ी पहनने के बावजूद उनका किरदार माचो और अल्फा बना रहे। इस सीन में उन्होंने नीली साड़ी और बॉडी पेंट के साथ देवी गंगम्मा की पूजा को दर्शाया, जो फिल्म का एक बेहद प्रभावशाली और यादगार हिस्सा बन गया।

बेस्ट एक्टर का नेशनल अवार्ड जीतने वाले पहले तेलुगू एक्टर

अल्लू अर्जुन बेस्ट एक्टर केटेगरी के लिए नेशनल अवार्ड जीतने वाले पहले तेलुगू एक्टर हैं। उन्होंने यह अवार्ड 69वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स (2023) में फिल्म पुष्पा: द राइज (2021) में शानदार एक्टिंग के लिए मिला था।

इसके बाद उन्होंने तेलुगू सिनेमा के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बनाया, क्योंकि उनसे पहले किसी भी तेलुगू एक्टर को बेस्ट एक्टर केटेगरी में यह अवार्ड नहीं मिला था।

अल्लू अर्जुन की लव स्टोरी

अल्लू अर्जुन और उनकी पत्नी स्नेहा रेड्डी की लव स्टोरी किसी खूबसूरत फिल्मी कहानी से कम नहीं है। कहानी की शुरुआत अमेरिका में एक शादी से होती है। अल्लू अर्जुन वहां एक गेस्ट बनकर पहुंचे थे, और उसी इवेंट में स्नेहा भी शामिल थीं। भीड़ के बीच जैसे ही अल्लू की नजर स्नेहा पर पड़ी, मानो समय थम गया। यह उनके लिए लव एट फर्स्ट साइट था। हालांकि उस दिन दोनों के बीच सिर्फ एक हल्की-सी ‘हाय-हेलो’ ही हो पाई, लेकिन दिल में कुछ खास जगह बन चुकी थी।

अल्लू अर्जुन के दो बच्चे हैं। बेटा अल्लू अयान (जन्म: 2014) और बेटी अल्लू अरहा (जन्म: 2016)

अल्लू अर्जुन के दो बच्चे हैं। बेटा अल्लू अयान (जन्म: 2014) और बेटी अल्लू अरहा (जन्म: 2016)

शादी के बाद भी अल्लू स्नेहा को भूल नहीं पाए। आखिरकार हिम्मत करके उन्होंने एक मैसेज भेजा और यहीं से उनकी कहानी ने नया मोड़ लिया। बातों का सिलसिला शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर गहरे प्यार में बदल गया। दोनों ने अपने रिश्ते को कुछ समय तक दुनिया से छुपाकर रखा।

लेकिन असली परीक्षा तब आई, जब परिवारों को इस रिश्ते के बारे में पता चला। शुरुआत में दोनों के परिवार इस शादी के लिए तैयार नहीं थे। फिर भी, अल्लू और स्नेहा अपने प्यार पर अडिग रहे। आखिरकार अल्लू अर्जुन के पिता ने पहल की और दोनों परिवारों को मना लिया। 26 नवंबर 2010 को उनकी सगाई हुई और 6 मार्च 2011 को दोनों के शादी के बंधन में बंध गए।

अल्लू अर्जुन की अपकमिंग फिल्में

अल्लू अर्जुन की अपकमिंग फिल्मों में दो बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। पहली फिल्म एटली डायरेक्ट कर रहे हैं, एक बड़े बजट की साइ-फाई एक्शन फिल्म है।

दूसरी फिल्म लोकेश कनकराज के साथ है, जिसकी घोषणा जनवरी 2026 में हुई थी। इसे मैथरी मूवी मेकर्स प्रोड्यूस करेंगे और अनिरुद्ध रविचंदर संगीत देंगे। इस फिल्म की शूटिंग 2026 के अंत में शुरू होने की उम्मीद है।

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